Logo_new

आपका शरीर बदल गया है और इसका जानने वाला ज्यों का त्यों है। यदि वह भी बदल जाता तो कौन जानता कि पहले आपका रूप कैसा था और अब कैसा हो गया है। अतः इससे सतत स्मरण होता है कि जो चेतन है, आत्मा है वही है अपना स्वरूप और उसका कभी नाश नहीं होता।

हरि ऊँ ! 

Menu
WeCreativez WhatsApp Support
व्हाट्सप्प द्वारा हम आपके उत्तर देने क लिए तैयार हे |
हम आपकी कैसे सहायता करे ?