Jeev (जीव)

Jeev aur Ishwar (जीव और ईश्वर)

जो अपने आपको न जाने वो ‘जीव’ और जो सब कुछ जाने वो ‘ईश्वर’ । जो इतनी अल्प शक्ति वाला...
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Vedant (वेदान्त)

Anatm Padarth (अनात्म पदार्थ)

संसार के सभी अनात्म पदार्थ तीन भागों में बँटे हैं - नाम , रूप और क्रिया । संसार में हर...
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Vedant (वेदान्त)

Parichhinnata (परिछिन्नता)

इस संसार में हर वस्तु तीन चीजों से सीमित है। सीमित शब्द को शास्त्र में परिछिन्न शब्द से संबोधित करते...
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Vedant (वेदान्त)

Adhyas (अध्यास)

आत्मा ही सत्य है, इसके अतिरिक्त जो भी दृश्य है या परि्लक्षित है, वह सब मिथ्या है। चिर सत्य एवं मिथ्या का विवेक ही तत्व के विवेक की पराकाष्ठा है। आत्मा जो हमारी वास्तविकता है, वह हमारी शरीर की धारणाओं एवं कल्पनाओं के साथ अन्योन्य अध्यास के द्वारा आपस में मिल गये हैं।                    हरि ॐ ! 
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Suvichar (सुविचार)

Mahabhut (महाभूत)

गीले ईंधन से अग्नि का सम्बन्ध होने पर उससे चारों ओर जिस तरह धुआँ फैलता है, ठीक उसी तरह इस...
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Brahm (ब्रह्म)

Brahm (ब्रह्म)

परम सत्य ब्रह्म ही अपने को ईश्वर और जीव के रूप में अभिव्यक्त करता है। ईश्वरत्व और जीवत्व का भेद...
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Suvichar (सुविचार)

Bhagawan (भगवान)

जो भगवान को अच्छा लगता है वैसे ही सोचो। जो भगवान को अच्छा नहीं लगता वैसा मत सोचो। भगवान पर...
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Suvichar (सुविचार)

Man aur Vrittiyan (मन और वृत्तियां)

चेतन और वृत्तियों का अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है जैसे दूध और पानी। दूध में से जो दूध का द्रवत्व है उसे...
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Suvichar (सुविचार)

Chetan aur Vrittiyan (चेतन और वृत्तियां)

चेतन और वृत्तियों का अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है जैसे दूध और पानी। दूध में से जो दूध का द्रवत्व है उसे...
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Vedant (वेदान्त)

Man (मन)

बिषयों की अग्रहण अवस्था ही हमारे मन को शांति दिला सकती है, मन लय अवस्था में बिषयों को ग्रहण नहीं...
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Jeev (जीव)

Jeev ka Bandhan (जीव का बंधन)

अविद्या (अज्ञान) और अविद्या से उत्पन्न हुई कामना,  कामना से प्रेरित होकर जीव करता है कर्म, १- अविद्या २- कामना...
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जनरल

jeev ka bandhan

avidya (agyan)  aur avidya se utpann hue KAMNA KAMNA se prerit hokar jiv karta hai KARMA. 1-avidya 2-kamna 3-karma yahi...
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Atma (आत्मा)

Atma (आत्मा)

आत्मा वह है जो स्थूल, सूक्ष्म एवं कारण तीनों शरीर के परे है। पांच कोशों के भीतर है और तीनों...
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Suvichar (सुविचार)

Panch Sampatti (पाँच सम्पति)

जीवन में पाँच सम्पति हो तो मनुष्य का कल्याण होता है - {१} किसी एक शास्त्र की शरण में होना।...
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Vedant (वेदान्त)

Sthool evam Sookshm (स्थूल एवं सूक्ष्म)

स्थूल एवं सूक्ष्म उपाधियों की दृष्टि से ईश्वर और जीव में भेद है, परन्तु सत्स्वरूप की दृष्टि से केवल एक...
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Vedant (वेदान्त)

Shuddh Aham (शुद्ध अहम्)

शुद्ध 'अहम्' किसी एक देह उपाधि के साथ व्यष्टि अहंकार (जीव) तथा समस्त उपाधियों के साथ समष्टि अहंकार (ईश्वर) बन...
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Vedant (वेदान्त)

Bandhan ka Swaroop (बंधन का स्वरूप)

बंधन का स्वरूप पाप मानने पर मोक्ष का साधन पुण्य। बंधन का स्वरूप वासना मानें तो मोक्ष का साधन उपासना। बंधन...
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Brahm (ब्रह्म)

Brahm (ब्रह्म)

परम सत्य ब्रह्म ही अपने को ईश्वर और जीव के रूप में अभिव्यक्त करता है। ईश्वरत्व और जीवत्व का भेद...
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